मुख्‍यमंत्री शोध प्रोत्‍साहन योजना को मिली मंजूरी, मिलेंगे 3000₹ प्रतिमाह, पात्रता जाने

देश का विकास करने में शोधार्थी भी ‌अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए राज्य सरकारों का कर्तव्य है कि वह अपने-अपने राज्य के ऐसे शोधार्थी युवाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करें जिन्हें किसी भी प्रकार कोई फेलोशिप नहीं मिलती है। इसी विचारधारा को अपनाते हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने  2022-23 बजट भाषण में अपने राज्य के शोधार्थी युवाओं के लिए मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना को शुरू करने की घोषणा की थी। जिसे अब 5 सितंबर 2022 को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के शोधार्थी को पंजीकरण की तारीख से अगले 3 सालो तक हर महीने ₹3000 के हिसाब से फेलोशिप प्रदान की जाएगी। अगर आप हिमाचल प्रदेश के एक शोध छात्र  हैं तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल पढ़ रहे हैं। क्योंकि हमारा यह आर्टिकल Himachal Pradesh Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana का लाभ उठाते समय आपको बहुत सहायता प्रदान करेगा।

Mukhymantri Shodh Protsahan Yojana

Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana 2022

हिमाचल प्रदेश में 5 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना को शुरू करने पर हरी झंडी मिल गई है। इस योजना के तहत शोधार्थी युवा को पंजीकरण की तारीख से 3 सालों तक हर महीने ₹3000 (हर साल ₹36000 )की प्रोत्साहन राशि के रूप में फेलोशिप दी जाएगी। जिससे  राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य करने वाले युवाओं को उनके प्रयास एवं शोध कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। यह योजना राज्य में शोध छात्रों को शोध (Research) करते समय आने वाली आर्थिक तंगी से बचाएगी और उन्हें नवाचार करते रहने के लिए बढ़ावा देगी। Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana के माध्यम से लगभग 1200 से भी अधिक शोधार्थियों को फेलोशिप प्रदान की जाएगी। जिसमें आने वाले सभी खर्च को राज्य सरकार द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना

मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना Overview

योजना का नामMukhyamantri Shodh Protsahan Yojana
आरंभ की गईमुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जी के द्वारा
कब घोषित की गई थी2022-23 बजट घोषणा के दौरान
कब से लागू की गई5 सितंबर 2022 से
लाभार्थीशोध करने वाले छात्र
उद्देश्यराज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए युवाओं को आर्थिक सहायता देना
आर्थिक सहायता की राशि₹3000 प्रतिमाह (₹36000 वार्षिक) के हिसाब से 3 वर्षों तक
योजना की श्रेणीहिमाचल प्रदेश राज्य सरकारी योजना
आवेदन प्रक्रियाअभी मालूम नहीं है।
 अधिकारिक वेबसाइट_

1200 से भी अधिक शोध छात्रों को मिलेगा HP CM Fellowship Scheme का लाभ

मुख्यमंत्री जी ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा था कि Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana के लागू होने से प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी, उद्योन एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, कृषि विश्वविद्यालय‌ पालमपुर सहित लगभग 1200 से भी अधिक शोधार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत लगभग 680 योग्य शोध छात्रों की सूची राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेज भी ‌दी गई है। राज्य सरकार इस योजना के तहत पंजीकृत होने वाले सभी शोध छात्रों के पंजीकरण तिथि से 3 साल तक प्रदान की जाने वाली प्रतिमाह ₹3000 की फेलोशिप का खर्चा खुद उठाएगी। ” श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट डिजिटल योजना ” से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए क्लिक करें

Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana का उद्देश्य

इस योजना को प्रदेश में लागू करने का मुख्य उद्देश्य शोध करने वाले छात्रों को राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शोध करने एवं नवाचार करते रहने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें हिमाचल प्रदेश शोध प्रोत्साहन योजना के तहत पंजीकरण तिथि से लेकर 3 सालों तक फेलोशिप दी जाएगी। यह फेलोशिप उन्हें 3000 रुपए प्रतिमाह एवं ₹36000 वार्षिक दी जाएगी। Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana के माध्यम से प्रतिमाह फेलोशिप के रूप में आर्थिक सहायता प्राप्त करके शोध करने वाले छात्र आने वाली आर्थिक तंगी से बचेंगे। जिससे शोधार्थी चिंता मुक्त होकर शोध कार्य पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। और बेहतर तरीके से अपने शोध कार्य को संपन्न कर सकेंगे। आपको बता दें कि फेलोशिप एक तरह से आर्थिक सहायता होती है जो स्नातकोत्तर डिग्री पूरी हो जाने के बाद किसी विशेष विषय पर शोध (रिसर्च) करने वाले छात्र को प्रदान की जाती है। जो फैलोशिप अनुसांधन संगठनों, विश्वविद्यालयों या संस्था द्वारा दी जाती है।

Mukhymantri Shodh Protsahan Yojana के लाभ

  • इस योजना का लाभ शोधार्थियों को पंजीकरण की तिथि से अगले 3 सालों तक प्राप्त होगा।
  • Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana के माध्यम से पंजीकृत शोधार्थियों को वार्षिक ₹36000 यानी ₹3000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता फेलोशिप के रूप में दी जाएगी।
  • प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी, उद्योन एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर सहित लगभग 1200 से भी अधिक शोधार्थियों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा।
  • राज्य के 680 पात्र शोधार्थियों को लाभ देने के लिए उनकी सूची सरकार को भेज दी गई हैं।
  • हिमाचल प्रदेश शोध प्रोत्साहन योजना 2022 के माध्यम से प्रोत्साहित होकर छात्रों में शोध के प्रति अभिरुचि एवं नए-नए नवाचार उत्पन्न होंगे।

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मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना  के तहत पात्रता

  • आवेदक को एक शोध छात्र होना चाहिए।
  • शोध छात्र हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी हो।

Mukhyamantri Shodh Protsahan Yojana के तहत आवेदन प्रक्रिया

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा 5 सितंबर सन् 2022 को इस योजना को शुरू करने के लिए हरी झंडी दिखाई गई है। सरकार ने इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में अभी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए आपको मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी जानने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। क्योंकि जब सरकार इस योजना से जुड़ी आवेदन की प्रक्रिया को सार्वजनिक करेगी तो हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से जरूर अपडेट कर देंगे। इसलिए आपसे निवेदन है कि इस योजना से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस आर्टिकल के साथ जुड़े रहे।

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