मेरा पानी मेरी विरासत योजना: ऑनलाइन आवेदन, Mera Pani Meri Virasat रजिस्ट्रेशन

Mera Pani Meri Virasat Yojana Apply | हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना रजिस्ट्रेशन | मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन आवेदन  | Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme Form

मेरा पानी मेरी विरासत योजना को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा लॉन्च की गयी है | इस योजना के अंतर्गत हरियाणा के डार्क जोन में शामिल क्षेत्रों में धान की खेती छोड़ने तथा धान के स्थान पर अन्य विकल्पित फसलों की बुआई करने वाले किसानों को 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी | आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से इस Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme से जुडी सभी जानकारी जैसे आवेदन प्रक्रिया , पात्रता , दस्तावेज़ आदि प्रदान करने जा रहे है अतः हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े |

Mera Pani Meri Virasat Yojana

इस योजना के अंतर्गत  पहले चरण में राज्य के 19 ब्लॉक शामिल किए गए हैं जिनमें भू-जल की गहराई 40 मीटर से ज्यादा है। इनमें से भी आठ ब्लॉक में धान की रोपाई ज्यादा है जिनमें कैथल के सीवन और गुहला, सिरसा, फतेहाबाद में रतिया और कुरुक्षेत्र में शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पिपली और बबैन शामिल हैं। इसके अलावा इस Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme के तहत वह क्षेत्र भी किये गए है  जहां 50 हार्स पावर से अधिक क्षमता वाले ट्यूबवेल का इस्तेमाल किया जा रहा है । राज्य के किसान धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फैसले जैसे  मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी की खेती कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी का कहना है कि जिन ब्लॉक में पानी 35 मीटर से नीचे है, वहां पंचायती जमीन पर धान की खेती की अनुमति नहीं मिलेगी |

मेरा पानी मेरी विरासत योजना

हरियाणा मेरी फसल मेरा ब्यौरा

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य

आप लोगो बता दे कि इस वर्ष हरियाणा में ऐसी जगह है जहा पर पानी की कमी के कारण धान की खेती नहीं की जा सकती है | और किसानो से मुख्यमंत्री द्वारा अनुरोध किया गया है कि किसान वहाँ धान की खेती न करे क्योकि धान की खेती में बहुत अधिक पानी लगता है | इसीलिए हरियाणा सरकार वर्तमान सीजन में धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बुआई करने वाले किसानों को हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी | मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के किसानों से अपील की है | इस योजना के ज़रिये किसानो को फसल विविधिकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया |

Haryana Mera Pani Meri Virasat Highlights

योजना का नाम मेरा पानी मेरी विरासत योजना
इनके द्वारा शुरू की गयी मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य किसानो को प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करना

हरियाणा ई-खरीद

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री जी ने  जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लांच किया है |
  • Mera Pani Meri Virasat Yojana के अंतर्गत किसानो को धान की खेती छोड़ने के कोई परेशानी न हो इसलिए राज्य सरकार उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे है |
  • हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री जी ने इस योजना को लॉन्च करते हुए कहा है कि डार्क जोन में शामिल क्षेत्रों में रहने वाले जो किसान धान की खेती छोड़ देंगे उन्हें सरकार द्वारा 7000 रूपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी |
  • राज्य के किसान धान को छोड़कर अन्य वैकल्पित फसलों जैसे मक्का , अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी आदि की खेती कर सकते है |
  • हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने यह भी जानकारी दी कि मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के प्रचार के लिए जल्द ही वेब पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर किसान अपनी समस्याओं का निदान पाने के लिए आवाज उठा सकेंगे |
  • हरियाणा राज्य के किसी  दूसरे ब्लाक में भी इच्छुक किसान धान की खेती छोड़ना चाहते हैं तो वह भी इस योजना के अंतर्गत अनुदान के लिए आवेदन कर पाएंगे।
  • इससे भावी पीढ़ी के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत शामिल किए गए क्षेत्र

  • रतिया
  • सीवन
  • गुहला
  • पीपली
  • शाहजहानाबाद
  • बाबैन
  • इस्माईलाबाद
  • सिरसा आदि

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन

  • इस योजना के माध्यम से यदि किसान द्वारा खेती की जमीन के 50% या फिर उससे अधिक हिस्से पर धान की जगह मक्का, कपास, बाजरा, दलहन, सब्जियां आदि की फसल उगाई जाती है तो इस स्थिति में किसान को ₹7000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
  • यह राशि प्राप्त करने के लिए किसान को गत वर्ष के धान के क्षेत्रफल में 50% या फिर 50% से अधिक फसल विविधीकरण करना होगा।
  • यदि किसान द्वारा फसल विविधीकरण के लिए सिंचाई यंत्र खेत में लगाए जाते हैं तो इस स्थिति में किसान को कुल लागत का सिर्फ जीएसटी ही देना होगा।
  • यदि किसान द्वारा फसल विविधीकरण के अंतर्गत फसल का बीमा कराया जाता है तो किसान के हिस्से की राशि का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
  • मक्का बिजाई मशीन पर 40% का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
  • मंडियों में मक्का सुखाने के लिए मशीन की स्थापना की जाएगी जिससे कि किसानों को उचित मूल्य का भुगतान किया जा सके।
  • किसान द्वारा इस योजना के अंतर्गत उगाई गई फसल पर सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की जाएगी।
  • सभी खंड जिनका भू जलस्तर 35 मीटर गहराई या फिर उससे ज्यादा है एवं पंचायत की भूमि पर धान के अतिरिक्त कम पानी का उपयोग करने वाली फसलों को उगाया जाता है तो इस स्थिति में ग्राम पंचायत को ₹7000 प्रति एकड़ प्रदान किए जाएंगे।
  • वह सभी किसान जिन्होंने फसल विविधीकरण के अंतर्गत धान को जगह फलदार पौधे एवं सब्जियों की खेती की है उनको ₹7000 प्रति एकड़ की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा उनको बागवानी विभाग द्वारा संचालित किए जाने वाली अन्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार अनुदान राशि का भुगतान भी किया जाएगा।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना मुख्य तथ्य

  • किसानों को उन जगहों पर धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जहां पर पिछले वर्ष धान की खेती नहीं हुई थी।
  • वह ग्राम पंचायत जहां पर जल स्तर 35 मीटर गहरा है वहां पर धान की खेती नहीं की जाएगी।
  • वह किसान जिनकी ट्यूबवेल 50 हॉर्स पावर इलेक्ट्रिक मोटर से चल रही है उनको धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम खेत में लगाने पर 85% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना की सफलता के लिए सरकार द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा।
  • इस योजना के कार्यान्वयन के लिए एक पोर्टल आरंभ किया जाएगा।

Mera Pani Meri Virasat Scheme Haryana के लाभ

  • इस योजना का लाभ हरियाणा के किसान भाई उठा सकते है |
  • मक्का और दलहन की खेती में आवश्यक बुवाई आदि फार्म मशीनरी उपलब्ध कराने के साथ माइक्रो-इरीगेशन और ड्रिप इरीगेशन के लिए 80 फीसदी सब्सिडी भी भी  जाएगी |
  • इस योजना के तहत मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास और सब्जी की खेती की जाएगी | इन फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्साहन धनराशि प्राप्त करने के लिए किसानो को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा | 

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के दस्तावेज़ (पात्रता )

  • आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • कृषि योग्य भूमि के कागज़ात
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन कैसे करे?

राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे |

  • सर्वप्रथम आवेदक को योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।  ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।
मेरा पानी मेरी विरासत योजना
  • इस होम पेज पर आपको New Registration के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।
मेरा पानी मेरी विरासत योजना
  • इस पेज पर आपको अपना आधार नंबर भरना होगा और फिर नेक्स्ट के बटन पर क्लिक करना होगा।  बटन पर क्लिक करने के बाद आपको फार्मर डिटेल्स भरनी होगी फिर टोटल लैंड होल्डिंग और क्रॉप डिटेल्स भरनी होगी।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा।  इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जायेगा।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए आवेदन कैसे करे?

  • सबसे पहले आपको योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।
  • इस होम पेज पर आपको बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लिए विकल्प का ऑप्शन दिखाई देगा आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।
Mera Pani Meri Virasat
  • इस पेज पर आपको फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए के फॉर्म दिखाई देगा। आपको इस फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे आधार नंबर , सामान्य विवरण , किसान का विवरण , टोटल लैंड होल्डिंग  आदि भरनी होगी।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा। सबमिट के बटन पर क्लिक करने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन हो जायेगा।

फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • होम पेज पर आपको फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करे के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खोलकर आएगा।
  • इस पेज पर आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा।
  • अब आपको गेट ओटीपी के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको ओटीपी को ओटीपी बॉक्स में दर्ज करना होगा।
  • अब आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको फॉर्मल डिटेल, टोटल लैंड होल्डिंग डिटेल तथा क्रॉप डिटेल दर्ज करनी होगी।
  • अब आपको सबमिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण कर पाएंगे।

रिचार्ज शाफ्ट के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया

  • सबसे पहले आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको रिचार्ज शाफ्ट के लिए आवेदन करें के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज पर आपको रिचार्ज शाफ्ट के निर्माण के प्रकार, आधार नंबर, किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जिला खंड, क्रॉप नेम, मुरादा नेम, किल्ला नंबर, जिला, ब्लाक, तहसील, ग्राम, क्रॉप लिस्ट, कैप्चा कोड आदि दर्ज करना होगा।
  • इसके पश्चात आपको सेव के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप रिचार्ज शौक के लिए आवेदन कर पाएंगे।

विभागीय लोगिन करने की प्रक्रिया

  • सर्वप्रथम आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
  • इसके पश्चात आपको विभागीय प्रवेश के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
मेरा पानी मेरी विरासत योजना
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल कर आएगा।
  • इस पेज पर आपको अपना यूजरनेम, पासवर्ड तथा कैप्चा कोड दर्ज करना होगा।
  • अब आपको लॉगिन के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • इस प्रकार आप विभागीय लॉगिन कर पाएंगे।

Contact us

  • Helpline Number -1800-180-2117
  • Agriculture and Farmers Welfare Department
  • Krishi Bhawan, Sector 21, Panchkula
  • E-mail: agriharyana2009[at]gmail[dot]com, psfcagrihry[at]gmail[dot]com
  • Tel.: 0172-2571553, 2571544
  • Fax: 0172-2563242
  • Kisan Call Centre-18001801551

Leave a Comment